System, Code and Conflict of Interest Politics
जब आप किसी को ट्रैनिंग देते हैं
तो उसे पता होता है क्या
की आप उसे ट्रैनिंग दे रहे हैं?
सबसे बड़ी बात
किस तरह की ट्रैनिंग दे रहे हैं?
वो उसका भला करने के लिए है?
या बुरा करने के लिए?
आपकी नज़र में भला या बुरा?
या उसकी खुद की नज़र में भी?
या समझ में भी?
क्या आपकी
और उसकी समझ एक है?
क्या आपके
और उसके ज़िंदगी के उद्देश्य एक हैं?
क्या आपका और उसका
किसी भी काम को करने का तरीका एक है?
क्या आपकी नज़र में जो सही है
वो उसकी नज़र में भी सही है?
और भी कितने ही ऐसे प्रश्न हो सकते हैं?
जैसे सबसे बड़ा प्रश्न
क्या आपको उसके बारे में जो पता है?
वो हक़ीक़त है?
या कहीं से सुना सुनाया?
देखा या समझाया गया किसी और द्वारा?
क्या आपने कभी उस व्यक्ति से
इसके बारे बात की है?
खासकर
अगर वो इंसान वयस्क है तो?
अब यहाँ तो प्र्शन है
व्यस्क इंसानों के बारे में
ट्रैनिंग तो बच्चों की भी होती है
पशु पक्षियों
और कितने ही जीवों की भी होती है।
ऐसे ही कहीं कहीं निर्जीवों की भी।
निर्जीवों की भी ट्रैनिंग?
संभव है क्या?
आप सोचो
कहाँ कहाँ और कैसे कैसे सँभव है?
या हो रही है?
क्यों?
वो किसी भी सिस्टम की ट्रैनिंग है
उसे automate पर रखने के लिए?
जीवों में कोई भी आदत बनाने के लिए
या लत (addiction)
और निर्जीवों में?
जैसे कोई भी आदत बनाई जा सकती है
ठीक वैसे ही उसे छुटाया भी जा सकता है
Reverse Gear से?
Reverse Engineering से?
और ऐसे ही
कोई भी नई आदत भी बनाई जा सकती है?
आपके आसपास कितने ही ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं?
सोचो?
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