Interactions?
Or
Designed Interactions?
वो फिर चाहे जीवों से हों
या निर्जीवों से
जैसे घर, गली, मौहल्ला
और
उनका Infra Structure?
या Archi Tecture?
या Tact Archi?
एक होता है
आप किसी से मिलते हैं
और एक होता है
आपसे किसी को मिलवाया जाता है
मगर
आप नहीं जानते
आपको मिलवाया गया है
आपको लगे
आप तो खुद ही मिल रहे हो?
ऐसा ही किसी भी सिस्टम के कोड का
या कोढ़ का है
आपको लगता है
आपने कोई बाइक
साईकल
या कार
अपने आप ली है?
ऐसे ही लगता है ना?
जैसे
आपको लगता है
आपने जो कपड़े पहने हुए हैं
वो आपकी अपनी पसंद है?
ऐसा ही तो है?
आपने ही तो खरीदे हैं?
अपनी ही पसंद से?
ऐसे ही आपको लगता है
आप जो कोई खाना खाते हैं
या जहाँ कहीं का पानी पीते हैं
वो आपकी अपनी पसंद का है?
जहाँ कहीं से आप लेते हैं
वो भी आपकी ही पसंद है?
ऐसे ही जैसे आपको लगता है
जहाँ कहीं आप रह रहे हैं
वो घर,
वो जगह आपकी पसंद है?
या कोई व्यवसाय या नौकरी
वो भी आपकी पसंद की है?
या शायद इतना तो नहीं
मगर खाना, पीना, कपड़े
बोलचाल वो सब?
अगर कोई आपको कहे
आपकी अपनी पसंद का कुछ भी नहीं?
सब आपके यहाँ के सिस्टम का धकाया हुआ है?
विश्वास करने लायक बात है क्या?
सोचो
आते हैं इन सब पर
एक एक करके।
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