सामान्तर घड़ाईयाँ
क्या होती हैं?
और कैसे घड़ती हैं ये राजनितिक पार्टियाँ?
Experiment
सामान्तर घड़ाई,
Example
दो चुल्हों पर अलग-अलग रसोईयों द्वारा एक जैसी सी रोटी बनाना
बनाने वाले रसोईये अलग हैं
सामान भी उनका अपना है
मगर, एक जैसा-सा है
एक जैसा-सा है
एक ही नहीं है।
Ingredients
जैसे आटा, पानी, चुल्हा
Process, Method या बनाने का तरीका?
वो भी एक जैसा सा है
जैसे आटा गूँथना
उसकी लोई बनाना
उसको चकले बेलन से
गोल गोल आकार देना
फिर,
तवे पर रखना
एक तरफ से सेकना
फिर दूसरी तरफ से
और फिर
आग पर फूलाना
एक ही वक़्त में
ईधर ये रसोईया
और उधर वो
जैसे एक को कॉपी करता हुआ।
रसोईयों के नाम?
मान लो A और B
या ये भी A और वो भी A?
या ये A और वो A + या A -
या ये A और वो AA?
या कुछ और भी हो सकते हैं।
क्या फ़र्क पड़ जाएगा?
नाम ऐसे एक होने से?
या बदल देने से?
पद का फर्क
जाती का फर्क
धर्म का फर्क
अमीरी गरीबी का फर्क
और भी कितनी ही तरह के अंतर।
और
कितने ही तरह के कोढ़
Conflict create करने के
या शांती?
बीमारी पैदा करने के
या ठीक?
बीमारी आगे बढ़ाने के?
या ऑपरेशन कर कुछ काट पिट के?
या दुनिया से ही उठा देने के?
या फिर तरक्की की तरफ ले जाने के?
सच में इतना कुछ बदल जाता है क्या?
सिर्फ नाम के ही थोड़े से हेरफेर से?
आपका नाम, सिर्फ एक नाम नहीं है
वो आपकी खास पहचान है
खास ID, हर पहचान पत्र में, हर जगह
उसमें एक शब्द का भी हेरफेर
ज़िंदगी और मौत का फर्क बन सकता है
तरक्की या बदहाली का फर्क हो सकता है।
सोचो फिर,
उस नाम की पहचान पर
किसी और से उसके जैसे से
या उससे अलग से कुछ प्रतिबिम्ब घड़वाना
क्या कुछ कर सकता है?
या उस नाम के कोढ़ से
ऐसे प्रतिबिम्ब घड़वाने से?
जैसे एक रसोईया A रोटी बना रहा है
दूसरा रसोईया A, वो भी रोटी बना रहा है
या कहो की पहले वाले A को कॉपी कर रहा है
जैसे आपके किसी सर्टिफिकेट की कॉपी?
और सोचो, अगर वो इतना निपुण हो
की यही ना पता चल पाए
की असली रोटी कौन सी है और नकली कौन सी?
तो क्या कहेंगे उसे?
Process Copy?
Method Copy?
Result Copy?
या आपके पास कोई बेहतर शब्द है?
अगर हाँ तो बताओ?
ऐसी ऐसी सी कॉपियों
या इनसे बेहतर कॉपियों
या प्रतिबिम्बों
या थोड़ा और आगे, बहरुबियों
या Reverse, Forward Designs and Engineering
या? Time Machine, Time Travel पढें?
आपके आसपास से ही?
या खुद आपकी अपनी ज़िंदगियों से?
देखें तो,
की आप जो कर रहे हैं, वो सब खुद ही कर रहे हैं?
या आपका सिस्टम (राजनितिक) इतना आगे जा चुका है
की वो आपको एक रॉबोट से ज्यादा कुछ नहीं समझता?
और उस रॉबोट का कंट्रोल अपने पास रखता है?