सामाजिक सामान्तर घढ़ाईयाँ क्या हैं? (Social Simulations)
कैसे और कितनी तरह से घड़ी जा सकती हैं?
उनके कहाँ कहाँ प्रयोग या दुरुपयोग हैं?
अपने आसपास से कुछ ऐसे मॉडुल पहचानों, जहाँ उनका प्रयोग या दुरुपयोग हुआ है या हो रहा है?
बहुत ही आसान से उदाहरण?
Natural Vs Artificial Rain
इसकी Human Rain से तुलना करो।
Human Rain? ये क्या होता है?
बड़ा ही मज़ेदार जहाँ है ये।
चलो, आदमी की बारिश से परे जानवारों या बाकी जीव जन्तुओँ की बारिश की बात करें?
उन्हें कृत्रिम तरीक़े से घटाया, बढ़ाया या शुरु या ख़त्म किया जा सकता है क्या?
अगर हाँ? तो ऐसा ही कहीं आदमी की प्रजाति के साथ भी तो नहीं हो रहा?
ठीक वहाँ, जहाँ कृत्रिम बारिश हो रही है?
या कृत्रिम तरीक़े से उसे घटाया, बढ़ाया, शुरु किया या ख़त्म किया जा रहा है।
ये आपके अपने आसपास हो रहा है।
इसको आप पौधों पे बड़ी आसानी से दिखा सकते हैं। क्यूँकि, उन्हें तो हम जीव ही कहाँ मानते हैं?
पौधों को मोटा पतला किया जा सकता है
छोटा या लम्बा किया जा सकता है
एक तने वाला या झाड़ बनाया जा सकता है
रुखा सुखा या हरा भरा किया जा सकता है।
फ़ल फूल से भरा
या सिर्फ़ फ़ूल वाला
जिसपर फल रोके जा सकते हैं।
क्यूट-सा बच्चा-सा सँवारा जा सकता है
या एकदम बूढ़ा सा भी बनाया जा सकता है
कितनी ही बिमारियाँ लगाई जा सकती हैं
और ठीक भी की जा सकती हैं।
अगर आपको थोड़ी बहुत भी
पेड़ पौधों की जानकारी है
या बायोलॉजी जैसा
बेसिक सा भी कुछ पढ़ा हुआ है
तो आप भी ये सब दिखा सकते हैं?
क्या हो, अगर ऐसा ही इंसानों या बाकी जीवों के साथ भी हो रहा हो?
क्या आप अपने आसपास से ही ऐसे से कोई उदाहरण दे सकते हैं?
जीते जागते, चलते फिरते इंसान और बाकी जीव?
क्या हो, अगर ऐसा सा ही कुछ आपके आसपास के infrastructure में कोड या कोढ़ सा उकेरा जा रहा हो?
क्या आप उनकी फोटो या विडियो दिखा सकते हैं?
देखने की कोशिश करोगे तो सब दिखने लगेगा
समझने की कोशिश करोगे तो सब समझ आने लगेगा
ये सब सामाजिक सामान्तर घढ़ाईयों के उदाहरण हैं
भले भी और बुरे भी।
आपके साथ हो रहे हैं
आपके अपनों के साथ हो रहे हैं
आपके आसपास
जीवों के साथ हो रहे हैं।
आपके आसपास निर्जीवों से
ऐसे गवाही दे रहे हैं
जैसे बादलों में
कुछ तस्वीरें गढ़ दी गई हों
और आप?
बच्चे जैसे कह रहे हों
वो देखो, हाथी बना
घोड़ा बना।
वो उधर रथ
उस पर सारथी
और वो मैं?
उसे उड़ाए ले जा रही हूँ?
पूछो कहाँ?
या शायद?
वो देखो?
कितना कुछ आगे आप लिख सकते हैं
ठीक ऐसे ही?
सुना सकते हैं?
और समझा भी सकते हैं?
अपने दिमाग का प्रयोग कर
अपनी ही कल्पना की कूची के पँख लगा?