Media Culture and Difference Between Life and Death?
Or healthy living and long life?
क्या हो?
जब सामने वाले को मालूम ना हो
जो कुछ वो
किसी और के साथ कर रहे हैं
उसका बिगड़ा रुप
या कहीं ज्यादा बढ़ा चढ़ा
कहीं न कहीं
उनके अपने साथ
या
उनकी अपनी बहन, बेटियों
बेटों, माँ, बाप, पति, बीवी
या
घर के किसी और
सदस्य के साथ हो रहा है?
कौन कर रहा है?
या कर रहे हैं?
वो भी गुप्त तरीके से?
कौन खेलता है ये गुप्त गुप्त?
ज़्यादातर
भले लोग तो शायद खेलते नहीं?
जहाँ कहीं आपसे
जिस किसी द्वारा कुछ भी
गुप्त कुछ करने को कहा जाए
तो थोड़ा दूर हो जाएँ
थोड़ा वक़्त लें और सोचें?
गुप्त क्यों?
सीधे सीधे क्यों नहीं?
राजनितिक पार्टियाँ ऐसा ज़्यादातर
सामान्तर घड़ाईयाँ घड़ने के लिए करती हैं
ये सामान्तर घड़ाईयाँ ही
मानव को रोबोट की तरह प्रयोग
या दुरुपयोग करने का काम करती हैं
गुप्त रुप से रिमोट कंट्रोल हैं।
इन गुप्त से डिज़ाइनों का
आपकी
या आपके अपनों की IDs से
कैसा नाता है?
या किस तरह का असर?
करते हैं कोशिश जानने की
इमारतों को
घरों की और उनके आसपास के
स्कूलों, अस्पतालों, ऑफिसों के
डिज़ाइनों को
जो उतार दिए गए हैं
खिड़की, दरवाजों
बैडरूम, बाथरूमों
अंदर बाहर के गेटों
यहाँ, वहाँ, जहाँ, तहाँ।
जानने की कोशिश करते हैं
वाहनों को, दुकानों को?
गलियों को, उनपे लगे खमभों को
और तरह तरह के डिज़ाइनों को
या शायद घर के कोने कोने को
इस हिस्से और उस हिस्से को
स्टोर, रसोई, बैडरूम, बाथरुम
आँगन, ड्राईंग रूम वैगरह को?
क्या कुछ लिखा है?
या छपा है?
किस चीज़ के बने हैं वो?
कब लिखा या छपा वो सब?
किसने लिखा या छापा?
या कहाँ से आया या लाया गया?
और कौन कौन रहता है वहाँ?
उस या उन रहने वालों पर
कैसा असर है उन सबका?
जो जितना पास उतना ही
असर अच्छा या बुरा?
अच्छे को कैसे बढ़ा सकते हैं?
और बुरे को कैसे कम सकते हैं?
इतना सब मुझे कैसे मालूम?
मुझे सिर्फ़ लिखना है
जो कुछ पढ़ा, देखा या समझा
आगे ऐसा है या नहीं
ये तो आपको तय करना है।
Designer World Art and Craft
ये अगली किताब की शुरुवात। मोटा सा आईडिया, यहाँ वहाँ पहले पोस्ट में आ चुका। ये उन्हीं यहाँ वहाँ की पोस्ट को उठाकर किताब में पिरोने की कोशिश है।
मगर इससे पहले?
सिस्टम, कोड, निहित स्वार्थ और हितों के टकराव लाइन में लगी है।