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Monday, July 13, 2026

सिस्टम और कोड 7

Demo cracies and demo graphies?

De limitations and constituency creations?


मान लो, घर के दो हिस्से हों 

Lower House और Upper House 

Lower house मतलब Ground Floor ?

Upper House मतलब First  Floor? 

या Second Floor?


निर्भर करता है, कोड कहाँ का है?

अमेरिकन है या ब्रिटिश?

Uni T ED  States (US) या King D OM (UK)?

President या PM प्रधान Parliamentary House?

AM Vs PM?


रहते कहाँ हैं ये?

Official Residence ID?

White House या 10 Downing Street?

ऐसे ही और भी देश हैं 

और भी Parliament और House 

और

कितनी ही तरह के तरीके उन्हें बनाने और चलाने के।   


अब आपके घर का या आपका इन सबसे क्या लेना देना?

इनके बनने या हंग हो जाने से क्या रिस्ता?

इनके बनने या बनाने के तौर तरीकों से क्या हानी या लाभ?

इनके Floor Test या Cross Test का आपके घर से कैसा नाता?


इनके झगड़े आपके या आपके झगड़े इनके?

इनके झगड़े कहीं आपकी बिमारियाँ तो नहीं?

इनका De limitation का तरीका 

नए constituency या state या district 

या किसी भी तरह की division या divide का 

आपके रिश्ते नातों या बिमारियों से क्या लेना देना?

या शायद मौत तक से?


जो ऊप्पर हो रहा है, वही नीचे हो रहा है?

ऊप्पर सबसे पहले फाइल्स में चलता है 

वही चल फिरकर आप तक आता है 

ठीक उसी वक़्त जब वहाँ चल रहा होता है 

ठीक उसी वक़्त शादी होती हैं या कोर्ट केस 


ठीक उसी वक़्त, बच्चे conceive होते हैं 

या बच्चे व्यस्क अवस्था की तरफ

ठीक उसी वक़्त, बच्चों के puberty के sign आते हैं 

ठीक उनकी तारीख, महीने और साल के अनुसार 

लड़कियों के period शुरु होते हैं 

या कहीं बच्चे गिरते हैं, बिना पैदा हुए 


ठीक उसी वक़्त, बीमारी का कोई लक्षण दिखता है 

या आगे बढ़ता है 

ठीक उसी वक़्त, एक्सीडेंट होते हैं 

हाथ, पैर टूटते हैं 

कहीं सीधे-सीधे जुड़ते हैं 

और कहीं?

उल्टे-सीधे?

ये सब होने वालों के नाम, जन्मदिन 

ये सब होने की जगह, 

डॉक्टर, हॉस्पिटल का नाम 

उस हॉस्पिटल का एड्रेस 

और दवाईयों के नाम तक 

या ऑपरेशन के तरीक़े 

और तारीख़ और समय तक 

सब आपके राजनितिक सिस्टम के अनुसार होता है। 


थोड़ा ज्यादा ही लग रहा है ना?

ये कम है 

अभी इससे आगे भी बहुत कुछ है 

Reverse और Future Engineering 

Synthesis और Synthetic Engineering 

Built in और Artificial Engineering 

और भी          

सिस्टम और कोड 6

आप जो कर रहे हैं, क्या वो सब खुद ही कर रहे हैं?

या आपका सिस्टम (राजनितिक) इतना आगे जा चुका है 

की वो आपको एक रॉबोट से ज्यादा कुछ नहीं समझता? 

और उस रॉबोट का कंट्रोल अपने पास रखता है? 


अगर हाँ, तो उस कंट्रोल को वापस कैसे लिया जाए?

रॉबोट को वापस इंसान कैसे बना जाए?

रॉबोट को तो मालूम ही नहीं होता की वो रॉबोट है  

सबसे पहले तो उस रॉबोट बने इंसान को जगाया जाया 

उसे बताया जाए 

की इंसान, रॉबोट कैसे बनते हैं या बनाए जाते हैं 


ये कुछ कुछ ऐसे है 

जैसे दो रोसोईये रोटी बना रहे हैं एक जैसी 

सामान एक जैसा, 

तरीका एक जैसा और रोटी भी एक जैसी-सी 

दिखने में भी और खाने में भी  

कौन सी असली है और कौन सी कॉपी, 

पता ये करना है 

मगर ये पता क्यों करना है?


क्यूँकि, 

ऐसा सा ही कुछ वो आपके स्वास्थ्य के साथ कर रहे हैं 

ऐसे ही आपके रिश्तों के साथ खेल रहे हैं 

आपके घर बाहर के सामान के साथ कर रहे हैं 

नौकरी, पैसा, ज़मीन जायदाद के साथ कर रहे हैं 


उन्होंने हर जीव-निर्जीव को एक टैग दे दिया है 

एक कोड सा कोढ़ दे दिया है 

उस कोड के खेल आपके जन्म से भी पहले से चल रहे हैं

आपका जन्म,

उसी सिस्टम के कोड की जरुरत के अनुसार हुआ है 


अहम है ये जानना 

की आपका जन्म जहाँ कहीं आप पैदा हुए हैं 

उस सिस्टम की जरुरत के अनुसार हुआ है 

मगर, उस सिस्टम में कई और सिस्टम हैं 

और पार्टियाँ हैं 

जरुरी नहीं आप उनके सिस्टम की भी जरुरत हों 


और 

ये भी हो सकता है 

की बाकी पार्टियों के सिस्टम का रोड़ा हों 

उनकी कुर्सियों के टिके रहने में अहम रुकावट हों?

तो वो रुकावट के लिए खेद है, खेलने लगते हैं। 

ऐसे ही, जैसे कोई Herald House?


हर घर की तो नहीं, 

मगर बहुत से घरों की ऐसी सी कहानियाँ हो सकती हैं

इसलिए,

वहाँ वाद विवाद और लड़ाई झगडे भी थोड़े जयादा ही होते हैं। 


हालाँकि, उन्हें कम और ख़त्म करने के तरीके भी हैं

वो क्या हैं?

वो है, ऐसे  सिस्टमस को समझना 

या ऐसे सिस्टम से दूर रहना। 


संभव है क्या?

जानने की कोशिश करते हैं आगे 

वो सितारे और ये सिंघाड़े

वो सितारे कोई और थे 

ये सिंघाड़े कोई और हैं।  

Saturday, July 11, 2026

सिस्टम और कोड 5

सामान्तर घड़ाईयाँ 

क्या होती हैं?

और कैसे घड़ती हैं ये राजनितिक पार्टियाँ?  


Experiment 

सामान्तर घड़ाई,

Example 

दो चुल्हों पर अलग-अलग रसोईयों द्वारा एक जैसी सी रोटी बनाना   

बनाने वाले रसोईये अलग हैं 

सामान भी उनका अपना है 

मगर, एक जैसा-सा है 

एक जैसा-सा है 

एक ही नहीं है। 


Ingredients 

जैसे आटा, पानी, चुल्हा 


Process, Method या बनाने का तरीका?

वो भी एक जैसा सा है 

जैसे आटा गूँथना 

उसकी लोई बनाना 

उसको चकले बेलन से 

गोल गोल आकार देना   

फिर,

तवे पर रखना 

एक तरफ से सेकना 

फिर दूसरी तरफ से 

और फिर 

आग पर फूलाना  

एक ही वक़्त में

ईधर ये रसोईया 

और उधर वो 

जैसे एक को कॉपी करता हुआ। 


रसोईयों के नाम?

मान लो A और B 

या ये भी A और वो भी A?

या ये A और वो A + या A -

या ये A और वो AA?

या कुछ और भी हो सकते हैं। 


क्या फ़र्क पड़ जाएगा?

नाम ऐसे एक होने से?

या बदल देने से?

पद का फर्क 

जाती का फर्क 

धर्म का फर्क

अमीरी गरीबी का फर्क 

और भी कितनी ही तरह के अंतर। 

 

और

कितने ही तरह के कोढ़ 

Conflict create करने के 

या शांती?

बीमारी पैदा करने के 

या ठीक?

बीमारी आगे बढ़ाने के?

या ऑपरेशन कर कुछ काट पिट के?

या दुनिया से ही उठा देने के?  

या फिर तरक्की की तरफ ले जाने के?


सच में इतना कुछ बदल जाता है क्या?

सिर्फ नाम के ही थोड़े से हेरफेर से?       

आपका नाम, सिर्फ एक नाम नहीं है 

वो आपकी खास पहचान है 

खास ID, हर पहचान पत्र में, हर जगह 

उसमें एक शब्द का भी हेरफेर 

ज़िंदगी और मौत का फर्क बन सकता है 

तरक्की या बदहाली का फर्क हो सकता है। 


सोचो फिर,

उस नाम की पहचान पर 

किसी और से उसके जैसे से 

या उससे अलग से कुछ प्रतिबिम्ब घड़वाना  

क्या कुछ कर सकता है?  

या उस नाम के कोढ़ से 

ऐसे प्रतिबिम्ब घड़वाने से?


जैसे एक रसोईया A रोटी बना रहा है 

दूसरा रसोईया A, वो भी रोटी बना रहा है 

या कहो की पहले वाले A को कॉपी कर रहा है 

जैसे आपके किसी सर्टिफिकेट की कॉपी?

और सोचो, अगर वो इतना निपुण हो 

की यही ना पता चल पाए 

की असली रोटी कौन सी है और नकली कौन सी?  

तो क्या कहेंगे उसे?

Process  Copy?

Method Copy?

Result Copy?

या आपके पास कोई बेहतर शब्द है?

अगर हाँ तो बताओ?


ऐसी ऐसी सी कॉपियों 

या इनसे बेहतर कॉपियों 

या प्रतिबिम्बों 

या थोड़ा और आगे, बहरुबियों  

या Reverse, Forward Designs and Engineering 

या? Time Machine, Time Travel पढें?


आपके आसपास से ही?

या खुद आपकी अपनी ज़िंदगियों से?

देखें तो, 

की आप जो कर रहे हैं, वो सब खुद ही कर रहे हैं?

या आपका सिस्टम (राजनितिक) इतना आगे जा चुका है 

की वो आपको एक रॉबोट से ज्यादा कुछ नहीं समझता? 

और उस रॉबोट का कंट्रोल अपने पास रखता है? 

Friday, July 10, 2026

सिस्टम और कोड 4

घर खीर तो बाहर खीर?

जितना और जैसा किसी भी इंसान को 

घर से मिल रहा है, 

उतना ही और वैसा सा ही बाहर से?  


भला कितना सच है इसमें? 

कोड और सामान्तर केस स्टडी 

कुछ-कुछ, ऐसा-सा ही कह रहे हैं?

जानकार क्या कहते हैं?


घर दुलार, तो बाहर दुलार? 

घर तकरार, तो बाहर तकरार?

घर शांती, तो बाहर शांती?

घर दाना-पानी, तो बाहर दाना-पानी?


घर ईज्जत, तो बाहर ईज्जत?

घर मार-धाड़, तो बाहर मार-धाड़?  

घर संपन्न, तो बाहर सम्पन्नता?

घर गरीबी, तो बाहर गरीबी?


घर, घर, तो बाहर भी अपना घर? 

घर ही बेघर, तो बाहर भी कैसा घर?  

जो घर में छाया, तो बाहर भी छाया ही छाया?

जो घर में सिर पर साया, तो बाहर भी आशीर्वाद?  


घर द्वेष तो बाहर भी द्वेष?

घर क्लेश तो बाहर क्लेश?

जो लूटे घर में, वो लूटे बाहर भी?

घर मिले माया, तो मिले बाहर माया?


घर मंदिर, तो जग मंदिर, 

क्या जाना फिर कहीं कोई मंदिर?

घर ही बुचड़खाना, तो बाहर भी बुचड़खाना?

जैसी घर से आस, वैसी बाहर से, क्यों कम या ज्यादा?

सिस्टम और कोड 3

बीमारु राजनीती?


"अगर वो दिल्ली में डेंगू फैलाएँगे 

तो हम भी फोगिंग करेंगे?" 

अरविंद केजरीवाल 


क्या आम आदमी जानता है 

की राजनितिक पार्टियाँ 

बीमारी-बीमारी खेलती हैं? 

जैसे Dengue और Fogging 

दोनों ही कोड हैं 

अब कोड हैं या कोढ़ हैं?

ये आम आदमी तय करे। 


ऐसे ही हर बीमारी एक कोड है 

कोड है या कोढ़ है?

और अगर किसी को ये सब

 नया-नया पता चले, 

और वो जनता को आगाह करने की 

कोशिश भर भी करे तो?

वो देशद्रोही है? 

जैसे देशद्रोह भी एक कोड है। 

वो कब, किसको और क्यों चाहिए?

सब राजनीती की जरुरतों के 

हिसाब-किताब की राजनीती है। 


जैसे 

"तुमने हमें लकवा किया, 

हमने तुम्हें कर दिया"  

और आप हैरान 

ये क्या कह या समझा रहे हैं? 

मुझे एक दिन कुछ ऐसा सा हुआ था 

और फिर उसके लक्षण 

कई महीनों या कहो 

की 2-3 साल भुगते। 

थोड़े बहुत अब भी,  

कई बार दिख जाते हैं

या कहो की दिखा दिए जाते हैं  

अगर, कुछ सावधानियाँ ना रखूँ तो। 

 अब ये सब कहने 

या राजनितिक ड्रामे के द्वारा 

बताने-समझाने वाले कौन थे या हैं?


किसी आम आदमी को ये कहना 

की तुमने हमें लकवा किया?

जिसे यही नहीं मालूम हो, 

की किसी को लकवा भी 

किआ जा सकता है?


और पता चले 

की लकवा ही नहीं 

बल्की, 

बाकी सब बिमारियाँ भी 

की जा सकती नहीं, बल्की 

की जा रही हैं।   

मगर कैसे?

Knowledge and Resources Abuse 


गाँव आई, तो पता चला 

यहाँ इसे लकवा 

वहाँ उसे लकवा 

और?

खास नाम (कोड)

खास तारीख 

और स्थान 

और?

खास तरह के तौर-तऱीके 


और?

फिर उनका खास जगह ईलाज 

और ख़ास वक़्त पर ठीक होने के लक्षण 

पूरा ठीक होना 

या आधा अधूरा?

या दुनियाँ से ही विदा हो जाना?

या कर दिया जाना?

जैसे रितु?

और वो कहते हैं, चुप। 


नहीं तो?    

तुम देशद्रोही हो?

ऐसे ही होते हैं देशद्रोही?

या नहीं तो    

इसको या उसको उठा दिया जाएगा?

दुनियाँ से ही?  


क्या इन आम लोगों को मालूम है?

की इनको लकवा हुआ नहीं 

बल्की, किया गया है?

मगर, 

किसने और कैसे?

और सबसे अहम 

क्यों?

क्या दोष इन अंजान लोगों का?


Politics of Conflict of Interests   

जिसकी सबसे ज्यादा मार 

अंजान, कम पढ़ा लिखा 

और ज़्यादातर समाज का 

सबसे नीचे वाला तबका भुगतता है। 

क्यों?

क्यूँकि,

उस समाज की राजनीती 

और वहाँ का सिस्टम सही नहीं है। 

ऐसा भी नहीं है की पढ़े लिखे या 

समाज का उप्परी तबका नहीं भुगतता 

भुगतता वो भी है 

मगर, उसके पास संसाधन और ज्ञान 

थोड़ा-सा ज्यादा होता है 

तो जल्दी उभर जाता है 

मौत को टाल पाता है 

और ज्यादातर, 

लम्बी और बेहतर उम्र पाता है।   


जिस दिन बीजेपी आई 

उस दिन कांग्रेस के किसी खास को 

लकवा हुआ था। 

इसलिए उन्होंने मुझे लकवा किया?

समझ ही नहीं आया 

मैं तो बीजेपी से नफ़रत करती थी 

और कांग्रेस के प्रति कहीं न कहीं 

फिर भी झुकाव था 

तो ये क्या था?

अब तो एक और प्रश्न था 

आख़िर ये राजनितिक पार्टियाँ हैं कौन? 


पता चला, 

या कहो की जितना मुझे समझ आया 

कोई नहीं, कोड मात्र?  

किसी भी कोड की, कभी भी 

किसी को भी जरुरत हो सकती है 

और वो ईधर से उधर हो सकते हैं 

इसीलिए, ये इसकी A टीम 

वो उसकी B टीम वगैरह हैं 

कब कौन, किसकी A, B है?  

सब जरुरत के हिसाब-किताब से हैं। 


तो, आपको कब कौन-सी बीमारी होती है?

ये जहाँ कहीं आप रह रहे हैं 

वहाँ का राजनितिक ताना-बाना बताता है 

इसलिए बहुत-सी बिमारियाँ 

उस ताने-बाने से थोड़ा बाहर होने से ही 

या तो ठीक हो जाती हैं 

या होने लगती हैं। 

वैसे इस ताने-बाने के तार 

सारे संसार में ही ऐसे हैं 

जैसे लोकल से हों 

क्यूँकि,

टेक्नोलॉजी ने दुनियाँ को 

बहुत ही सिमित कर दिया है। 

Sunday, July 5, 2026

सिस्टम और कोड 2

सिस्टम का कौन सा कोड 

आपके भले में है या बुरे में 

ये कैसे पता चले?

क्यूँकि, 

आपको तो राजनितिक सिस्टम के कोड ही नहीं पता?


पता हैं ना,

कैसे?

सिस्टम के कोड बड़े ही सीधे से हैं, साफ़ से हैं 

किसी अच्छे वाले शीशे में दिखते प्रतिबिम्ब से हैं 

सामाजिक से हैं, पारम्परिक  हैं, भोले से हैं 

उनमें छल नहीं है, कपट नहीं है 

वो जैसे सामाजिक स्तर पर हैं, बस वैसे ही हैं 

जैसे आपका भाई आपका भाई है और बहन, बहन 

माँ, माँ है और बाप, बाप, बेटा बेटी, बेटा बेटी ही हैं। 


उन्हें अगर उल्टे-पुल्टे, देखने-समझने या सुनने भी लगोगे 

तो गड़बड़ है 

नहीं तो चोरी छुपे गड़बड़ करने वालों को भी दिक्कत होगी 

काफी वक़्त लगेगा, उनके बिगाड़ में और दरार में 

और बिमारियों की पैदाईश में भी। 

मौत तो फिर ज्यादातर, उस सबके बाद ही है।   


मगर, शीशे भी सब एक जैसे कहाँ हैं?

कुछ शीशे प्रतिबिम्ब वैसा नहीं दिखाते, जैसा है 

उससे काफी ईधर-उधर भी दिखा सकते हैं 

उसके पीछे विज्ञान है, जिसे हर कोई नहीं समझ पाता 

ख़ासकर, जब तक वो गुप्त रखने की कोशिशें होती हैं। 


और उस गुप्त ज्ञान-विज्ञान के अनुसार?

आपका भाई, भाई नहीं, बहन, बहन नहीं 

माँ-बाप, माँ-बाप नहीं, बेटा-बेटी, बेटा-बेटी नहीं 

बल्की, अल्फ़ा हैं, बीटा हैं, गामा हैं, थीटा हैं 

और भी पता ही नहीं क्या-क्या हैं? 


वहाँ रेडियो है, तो?

Radio waves के प्रयोग और दुरूपयोग भी 

इंटरनेट है?

तो? 

Sattellite से या तार से या तरंगो के सहारे भी 

WiFi है और Hotspot भी?

 Proximate है और 

Blue Tooth है और Infra Red भी 

Quick Share है और Q R कोड भी 

Screen Cast है और Mira Cast भी। 


L ED है और Holo G Ram भी 

Lidar है और Ladar भी 

Radar है और 

Sensors हैं और Simulators भी 

Immesion है और Proxy और Proximity भी। 


3D है तो Fish Tech भी 

Data है तो Mining भी 

Fin Tech है तो?

बीमारी भी हैं और उनके ईलाज भी 

साथ में हम और आप जैसों का ईलाज भी 

"चाचा जाण ना देणी यो, 

आज इसका पुरा ईलाज बाँधागे"

जैसे-जैसे भाँड़ और भंडोले भी।  


अब ऐसे-ऐसे और कैसे-कैसे, भाँड-भाँडोले हैं 

तो युद्ध भी 

और होते देखा दुनिया को Lock Down भी 

Lock Down ने ही समझाया 

बिमारियों और मौतों के कोढों का सँसार भी 

Reverse Engineering और Built-in Systems भी 

Human Made और Artificial Engineering भी  

Synthesis और Synthetic Engineering भी 

पानी फेरना और चूना लगाना भी। 


कुछ समझ आया?

थोड़ा बहुत?

चलो, बाकी आगे 

एक-एक करके। 

Saturday, July 4, 2026

सिस्टम और कोड 1

आप और मैं, एक कोड हैं 

हम सब एक कोड हैं 

आप और हम 

जो कुछ देख, सुन और अनुभव कर सकते हैं 

वो सब एक कोड है। 

 

मगर,

हर एक कोड अलग है 

कोई न किसी की कॉपी 

और ना ही बिलकुल एक जैसा 

मगर फिर भी, जुड़वाँ हो सकता है 

जैसे twin technology 

और ऐसे से कितने ही और 

ऐसे-ऐसे से ही औजार (Tools) 

जो ये सब घड़ने के काम आते हैं। 


ठीक ऐसे, 

जैसे, खाती किसी घर को घड़ता है 

उसके लिए जमीन चाहिए 

एक नक्शा चाहिए 

और बनाने में प्रयोग होने वाला सामान। 


आप घर को जहाँ जिस जमीन पर चाहिए 

वहाँ भी बना सकते हैं 

और कहीं और बनाकर 

वहाँ पर assemble भी कर सकते हैं 

या कहीं से बना बनाया भी 

ट्रांसपोर्ट करवा सकते हैं। 


ठीक एक जैसे से, कितने ही घर हो सकते हैं 

मगर, सबको जमीन अलग-अलग चाहिए

पुरानी जमीन पर नया भी बना सकते हैं 

और नई जमीन पर पुराना भी 

ट्रांसपोर्ट करवा सकते हैं 

या पुराने को उधेड़ 

उसी जमीन पर नया बना सकते हैं। 


ठीक ऐसे ही,

जैसे आप अपने BMI (Body Mass Index) को 

किसी पुराने BMI पर भी ला सकते हैं 

और कोई नया BMI भी घड़ सकते हैं। 

मगर, जमीन की तरह 

आपका दिमाग एक ही है और शरीर भी 

जैसे शरीर को नया या पुराना कर सकते हैं 

वैसे ही दिमाग को भी। 


जैसे आपका शरीर एक सिस्टम है 

एक मशीन है 

वैसे ही इन कोडों का सारा खेल 

इस सिस्टम और मशीन पर भी 

राजनितिक सिस्टम और मशीन के जैसा-सा ही है। 


सिस्टम का कौन सा कोड 

आपके भले में है या बुरे में 

ये कैसे पता चले?

क्यूँकि, 

आपको तो राजनितिक सिस्टम के कोड ही नहीं पता?


पता हैं ना,

कैसे?

आप सोचो, आते हैं उस पर भी। 

Wednesday, July 1, 2026

Diseases and Death? How they happen as per this system code?

Curiosity takes us, where we should not go? Forbidden zone?

Curiosity takes us, what we should not know? Again Forbidden zone?

Curiosity puts us in danger? 

As it shows something, one cannot reveal? ELSE?

Files deletions and files corruption? It's continue at least since PhD. But never watched that happening this way earlier.

कुछ बिमारियों की कहानी?

कुछ मौतों की कहानी?

या?

हमारे जन्म से लेकर मरण तक की कहानी?

और फिर जैसे किसी पुर्नजन्म की कहानी?

Can I know please, what is the problem with such files? If any? Along with many social tales? Rather such social tales?

कोई नहीं, I can write them again. They are not PhD thesis or some students dissertations or any such documents which require lab and same kind of time and efforts again in that particular zone. These tales need just some memory and they will be alive again in some documents. Right?  

I wonder, who could have problem with such social tales documentation, if any? 

And why? That documentation could be the solution to so many diseases.

चलो एक कहानी सुनाती हूँ। 

Saturday, June 27, 2026

राजनीती, धर्म, आस्था, विश्वास, रीति रिवाज़ और लोकलाज?

धर्म? शाला? अपमानजनक (Pejorative)? या धर्मशाला?

राजनीती, धर्म, आस्था, विश्वास, रीति-रिवाज़, लोकलाज आदि को बड़े ही शातिर तरीके से खेलती है।  आम आदमी इन्हें राजनीती के चाल चरित्र और चेहरों के अनुसार पढ़ ही नहीं पाता। पढ़ेगा भी कैसे? उसे यही खबर नहीं है की ये सब घड़ता कौन है? 

इंसान भगवान ने बनाया है?

या भगवान को ही इंसान ने घड़ा हुआ है?

रीती-रिवाज़ बनाता और फिर उनमें वक़्त के अनुसार बदलाव करता कौन है?

शिव 16 नंबरी ही क्यों?

और हनुमान चालीसा (40) क्यों?   

ऐसे ही हर भगवान या भगवानी की कोई न कोई पहचान या ख़ासियत मिलेगी। कभी जानने की कोशिश की उनकी वही पहचान क्यों है? और वो पहचान राजनीती के काम कैसे आती है? उनके मंदिर जहाँ पर हैं, वहीँ क्यों हैं? कहीं और क्यों नहीं? Geolocation Matters 

उनकी पूजा जिस दिन होती है, उसी दिन क्यों होती है? किसी और दिन क्यों नहीं? उनका पहनावा या खान पान जो है, वही क्यों है? कुछ और क्यों नहीं? Codes Matter and changes happen as per political parties needs. 

क्या हो अगर 

हनुमान हो जाए 16 नंबरी और शिव चालीसा (40) पढ़ी जाने लगे?

संतोषी हो जाए काली और काली शीतला माता?

सूरज को पानी दें स्याम को या रात को और चाँद को दिन में निहारें?

रेगिस्तान के देवता पूजे जाएँ मैदानों या पहाड़ों पर? 

और मैदानों या पहाड़ों के रेगिस्तान में?

लड़कियों को समझने लगें लड़का और लड़के को लड़की?


थोड़ा ज्यादा हो रहा है ना? कैसा हो, अगर आपको पता चले की राजनीती आपके अपने घर में, खुद आपसे या आपके अपनों से ऐसा कुछ ही करवा रही हो, मगर चोरी छुपे, आपको अँधेरे में रख?