Media Culture Lab Around The World Amid Different Strata, Classes and Professions?
या फिर टैम्पू जैसा-सा व्हिकल,
मेहंदीपुर के बाला जी
तेरे भवन मैं भूत घुमते देखे आज नज़ारे
सब्ज़ी बेचने वाले का लाल रंग का ऑटो, दूर से ही पता चल जाता है की कौन सा सब्ज़ी वाला होगा।
और अरे ये क्या?
एक दो साल से इसी को देख रही थी लाल रंग वाले ऑटो को। इसके गाने में कुछ खास था शायद, जो मुझे कह रहा था, थोड़ा और जानना चाहिए शायद?
इससे कुछ खास लोगबाग ही सब्ज़ी लेते हैं। क्यों? सब्ज़ी तो ताज़ा होती है और अच्छी भी। फिर? बाकी क्यों नहीं लेते? महँगा बहुत है। गाँव के हिसाब से तो बहुत ज्यादा। वो जो साईकल या बाइक पर बेचने आते हैं, वो कम रखते हैं, मगर ज्यादातर सस्ता देते हैं। कुछ कुछ ऐसे ही शायद, जैसे एक हम यहाँ वहाँ बैठे लोगों या छोटी दुकानों से लेते हैं और एक किसी रिलायंस जैसे ग्रॉसरी स्टोर से? मगर रुची का विषय इससे आगे है।
ख़ास तरह के गाने। थोड़े अजीबोग़रीब भी। जैसे मेहंदीपुर के बाला जी, तेरे भवन मैं भूत घुमते, देखे आज नज़ारे।
Too much जैसे? उसपर इन सबके रुकने की जगहें भी खास होती हैं।
एक दिन ऐसे ही आवाज़ आ रही थी, इसी गाने की, जो दूर से ही सुनाई देता है। तो सोचा ले आते हैं कुछ। अरे ! ये तो ऑटो ही अलग है। सब्ज़ी वाला भी अलग। मगर गाना वही है। State mirrors, even local vendors? Or these are different political parties sides? That's how political parties manage not just people but systems. And these systems manage lives there including humans from birth to death.
And yes, they do say, we make systems and systems work for us, not just human beings.
You can also observe your surrounding like that. There may not be such vendors there but so many types of flora and fauna and architecture or maybe just random wilderness.









