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Tuesday, September 1, 2026

Electric Meter Drama 31.8.2026

मैं पास में ही 

एक चाचा के घर गई हुई थी 

क्यों?

एक इंसान ने कुछ महीने से 

शायद 

शराब छोड़ी हुई थी 

या कहो 

वो पहले वाले हाल नहीं अब नहीं। 


मगर 

रक्षाबँधन वाले दिन के बाद 

अचानक घर आना बँध 

फ़ोन उठाना भी बँध 

लो। 

फिर पकड़ लिया लगता है?  

ख़ास म ख़ास पार्टी वालों ने?


चाची चाचा उधर जाते हैं 

जहाँ वो रहता है 

तो सोचा खबर ले लूँ। 


वापस घर की तरफ आई 

तो गली में भीड़ और शोर 

काफ़ी तार भी पड़ी हैं गली में 

एक से पूछा 

भैया मीटर लगा रहे हो?

हाँ। 


मेरे यहाँ भी लगना है क्या?

दीदी हमें तो पता नहीं 

उधर हैं ना वो उनसे पूछ लो 

भाई के घर की तरफ 

ईशारा करके। 


मैं उधर गई 

बैठक में कई बैठे हुए हैं 

मैंने एक से पूछा 

भैया, 

उधर घर का भी लगना है क्या?

कोई जवाब नहीं। 


दूसरे से पूछा 

नहीं वहाँ का नहीं लगना। 

क्यों?

और लो जी 

भड़ाम भड़ाम शुरु। 


सारा लिखना शायद 

काफी पड़ जाएगा 

किसी पे?

और क्यों? 

या 

क्या फ़र्क पड़ता है?


इतना वक़्त 

बिजली मीटर के 

नए कनेक्शन की 

रिक्वेस्ट के बावज़ूद 

मीटर का ना लगना 

क्या कहलाता है?  


शायद ये 

"यहाँ तो सबका 

ऐसे ही चलता है 

आप भी चला लो?"  

सच में ऐसा ही है क्या?


अब ये हक़ीक़त 

बिजली विभाग 

और 

पढ़ने वालों को 

मेरे से ज्यादा ही पता होगी। 

आप क्या कहते हैं?  


मगर जिस हिसाब से 

मेरे मीटर कनेक्शन के साथ हो रहा है 

उससे ऐसा कुछ लग रहा है?


नहीं तो ऐसे ऐसे काम तो 

बिजली विभाग वालों को 

बिना कहे कर देने चाहियें?


इतना वक़्त 

इतना 

अप्लीकेशन 

फॉर्म 

ये डॉक्यूमेंट 

वो डॉक्यूमेंट खेलना?   

क्या कहलाता है?


और 

उनका कहा 

सबकुछ पूरा करने के बाद 

ये कहना 

दुबारा फॉर्म भरो? 

यहाँ हर बात पर नाटक है Electric Meter Drama

कल 

बिजली विभाग के 

कुछ कर्मचारी 

कुछ बचे हुए घरों के 

मीटरों को 

बाहर खम्बों पर 

लगाने आए? 

काफ़ी महीने बाद? 


कुछ महीने बाद? 

अहम है क्या?

पिछली बार 

किस तारीख 

महीने 

और 

साल को आए थे?  


हाँ 

तारीख़ 

महीना 

और साल 

सब अहम है। 


सिर्फ़ यही नहीं 

कौन कौन? 

किस वाहन पर? 

किस सामान के साथ? 

वो सब भी अहम है। 


किस किसके घर?

किस किस नंबर के मीटर?

किन किन के घर के 

बाहर वाले खम्बोँ पर?

कौन सी तरफ़ लगाए गए?


ये इन सिर्फ़ कुछ घरों को 

पिछली बार क्यों छोड़ गए? 


ये सब अहम है?     

क्यों? 

पढ़ना लिखना सीखो 

पढ़े लिखो

और कढ़े लोगों की  

राजनितिक चालों 

और 

खेलों को जानने के लिए। 


अगली पोस्ट में कल वाला ड्रामा? 

औरतें यूँ ही नहीं पीटती यहाँ?

औरतें 

यूँ ही नहीं पीटती यहाँ 

उन्हें गँवारपँठों द्वारा 

So Called पढ़े लिखे 

और कुर्सियों पर बैठे 

So Called 

Officers पिटवाते हैं?

अहम 

गँवारपँठों की जानकारी के बिना?

Human Robotics   


कितना सच? 

कितना झूठ?

ये समझदार 

और 

जानकारों के लिए छोड़ दिया।   


यही युद्ध है 

ईधर का भी?

और 

उधर का भी? 


4 साल से आप 

अपने घर बैठे हैं 

मगर 

आज तक वहाँ 

पानी और बिजली नहीं 

क्यों? 


घर कहना भी गलत होगा 

खँडहर 

पड़दादा के वक़्त का। 


So Called 

बड़े लोगों की वजह से 

जहाँ मीठा पानी 

और 

रहने लायक जगह हो 

वहाँ 

So called 

CBSE Registered?

स्कूल धोखाधड़ी से 

और जबरदस्ती 

अपनी दादागिरी 

और गुंडागर्दी दिखाएँगे?

या कहना चाहिए 

दिखा रहे हैं।  


आज तक उन 

शिक्षा के धँधे के 

गुंडों को 

किसी बहन या बेटी ने 

दी नहीं है वो जमीन 

बल्की, 

उनके ख़िलाफ़ 

शिकायत की हुई है। 


क्या हुआ उस शिकायत का?

कौन से डस्टबिन के 

हवाले हुई वो?


ये तो अनपढ़ गँवार हैं 

मगर वो?

25 साल से 

स्कूल चला रहे हैं?

वो भी CBSE? 


सब हेदभेद आ गए?

शिक्षा के नाम पर 

जमीनें हड़पने के?   

यही नहीं 

खुद उनको उनकी जमीन से 

जबरदस्ती बाहर करने के?


वो सब भी कब होता है?

भाभी के जाने के बाद। 


ऐसे हालातों में 

सबकुछ

मीडिया की नज़रों में 

होने के बावजूद 

संभव है क्या?


बिना CBSE जैसे 

संस्थानों की 

मिलीभगत के? 

यहाँ हर बात पर नाटक है (दिसंबर 2025 - 31.8.2026) Electric Meter Drama

 नाटक? 


यहाँ हर बात पर नाटक है 

बिजली का मीटर लगवाना हो? 

या पानी का कनैक्शन लेना हो? 


दिसंबर 2025 

आप बिजली विभाग को 

ईमेल करते हैं 

मेरे यहाँ मीटर नहीं है 

मीटर लगा दो।  


कोई जवाब नहीं 

दुबारा लिखते हैं 

कोई जवाब नहीं। 


उसके कुछ वक़्त बाद 

एक दिन कोई 

किसी 

स्कूटरी पर आता है

"ये राम सिंह का घर कहाँ है?"   

जी यहाँ तो ऐसा कोई घर नहीं। 


क्या काम था?

उनके यहाँ मीटर लगाना है 

ओह। 

पड़दादा के यहाँ मीटर लगाना है? 


किसके नाम से लगना है?

राम सिंह के?

नहीं, 

पूछ रहा था मैं तो। 

मैंने भी 

एक रिक्वेस्ट दी हुई है 

मीटर लगाने के लिए।    

कहीं विजय दांगी के यहाँ 

तो नहीं लगना? 


नहीं 

राम सिंह के यहाँ लगना है। 

भाई, यहाँ तो 

कोई राम सिंह नहीं रहता। 


हाँ, अगर 

किसी पड़दादा की बात है 

तो वो तो हम बहुत छोटे थे 

तभी जा चुके। 


आपके यहॉँ की रिक्वेस्ट नहीं है 

उन्हीं के नाम की है 

आपके यही से। 


अच्छा?

तो उनके पास जाके लगा आ। 

नमूने कैसे कैसे? 

भेझ देते हैं उठाके?   


अब ये सच में 

बिजली विभाग से थे?

या?

ऐसी ही कोई 

राजनितिक पार्टी का ड्रामा?

कैसे पता चले?


31.8.26 

एक ड्रामा कल फिर हुआ?

अबकी बार बिजली विभाग 

और आम नागरिकों ने 

मिलकर किया?


मगर सच में इन्होने ड्रामा किया?

या इनसे 

पढ़े लिखे 

और कढ़े लोगों ने करवा लिया?

और इन्हें मालूम तक नहीं?

Human Robotics   

 

या 

शायद मुझे ही ऐसा लगा?

ये पढ़ने वालों पर छोड़ देते हैं। 


कल का ड्रामा 

आगे पोस्ट में।   

पढ़ते रहिए 

अपनी अपनी सलाह 

या जो भी विचार हों 

वो भी देते रहिए।