नाटक?
यहाँ हर बात पर नाटक है
बिजली का मीटर लगवाना हो?
या पानी का कनैक्शन लेना हो?
दिसंबर 2025
आप बिजली विभाग को
ईमेल करते हैं
मेरे यहाँ मीटर नहीं है
मीटर लगा दो।
कोई जवाब नहीं
दुबारा लिखते हैं
कोई जवाब नहीं।
उसके कुछ वक़्त बाद
एक दिन कोई
किसी
स्कूटरी पर आता है
"ये राम सिंह का घर कहाँ है?"
जी यहाँ तो ऐसा कोई घर नहीं।
क्या काम था?
उनके यहाँ मीटर लगाना है
ओह।
पड़दादा के यहाँ मीटर लगाना है?
किसके नाम से लगना है?
राम सिंह के?
नहीं,
पूछ रहा था मैं तो।
मैंने भी
एक रिक्वेस्ट दी हुई है
मीटर लगाने के लिए।
कहीं विजय दांगी के यहाँ
तो नहीं लगना?
नहीं
राम सिंह के यहाँ लगना है।
भाई, यहाँ तो
कोई राम सिंह नहीं रहता।
हाँ, अगर
किसी पड़दादा की बात है
तो वो तो हम बहुत छोटे थे
तभी जा चुके।
आपके यहॉँ की रिक्वेस्ट नहीं है
उन्हीं के नाम की है
आपके यही से।
अच्छा?
तो उनके पास जाके लगा आ।
नमूने कैसे कैसे?
भेझ देते हैं उठाके?
अब ये सच में
बिजली विभाग से थे?
या?
ऐसी ही कोई
राजनितिक पार्टी का ड्रामा?
कैसे पता चले?
31.8.26
एक ड्रामा कल फिर हुआ?
अबकी बार बिजली विभाग
और आम नागरिकों ने
मिलकर किया?
मगर सच में इन्होने ड्रामा किया?
या इनसे
पढ़े लिखे
और कढ़े लोगों ने करवा लिया?
और इन्हें मालूम तक नहीं?
Human Robotics
या
शायद मुझे ही ऐसा लगा?
ये पढ़ने वालों पर छोड़ देते हैं।
कल का ड्रामा
आगे पोस्ट में।
पढ़ते रहिए
अपनी अपनी सलाह
या जो भी विचार हों
वो भी देते रहिए।
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