वो सिंघाड़े कोई और थे
ये सितारे कोई और हैं।
जी, इसे ऐसे भी लिख सकते हैं।
कम से कम मेरे यहाँ लिखने, पढ़ने या बोलने पर किसी तरह की मनाही नहीं है और ना ही ऐसी किसी सोच या रचना पर केस होते है। सबका अपना मत है, अपना दिमाग और अपना अपना सोचने या समझने का तरीका :)
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