Politics of Conflict of Interests
जिसकी सबसे ज्यादा मार
अंजान, कम पढ़ा लिखा
और ज़्यादातर, समाज का
सबसे नीचे वाला तबका भुगतता है।
क्यों?
क्यूँकि,
उस समाज की राजनीती
और वहाँ का सिस्टम सही नहीं है।
ऐसा भी नहीं है की पढ़े लिखे
या
समाज का उप्परी तबका नहीं भुगतता
भुगतता वो भी है।
मगर,
उसके पास संसाधन और ज्ञान
थोड़ा-सा ज्यादा होता है
तो जल्दी उभर जाता है
मौत को टाल पाता है
और ज्यादातर,
लम्बी और बेहतर उम्र पाता है।
जिस दिन बीजेपी आई
उस दिन कांग्रेस के किसी खास को
लकवा हुआ था।
इसलिए उन्होंने मुझे लकवा किया?
समझ ही नहीं आया
मैं तो बीजेपी से नफ़रत करती थी
और कांग्रेस के प्रति कहीं न कहीं
फिर भी झुकाव था
तो ये क्या था?
अब तो एक और प्रश्न था
आख़िर ये राजनितिक पार्टियाँ हैं कौन?
पता चला,
या जितना मुझे समझ आया
कोई नहीं, कोड मात्र?
किसी भी कोड की,
कभी भी
किसी को भी
जरुरत हो सकती है
और वो ईधर से उधर हो सकते हैं।
इसलिए,
ये इसकी A टीम
वो उसकी B टीम वगैरह हैं
कब कौन,
किसकी A, B है?
सब जरुरत के हिसाब-किताब से हैं।
तो,
आपको कब कौन-सी बीमारी होती है?
ये जहाँ कहीं आप रह रहे हैं
वहाँ का राजनितिक ताना-बाना बताता है
इसलिए बहुत-सी बिमारियाँ
उस ताने-बाने से थोड़ा बाहर होने से ही
या तो ठीक हो जाती हैं
या होने लगती हैं।
वैसे इस ताने-बाने के तार
सारे संसार में ही ऐसे हैं
जैसे लोकल से हों
क्यूँकि,
टेक्नोलॉजी ने दुनियाँ को
बहुत ही सिमित कर दिया है।
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