कुछ साल पहले
गुड़िया काफ़ी छोटी थी
यही कोई 4, 5, साल
और जाने क्यों मुझे लगा
उसके बालों की बनावट
बदल गई हो जैसे?
या बदल रही हो जैसे?
मगर ऐसे कैसे?
जो कुछ पढ़ा था उसके अनुसार
ऐसा होना सामान्य नहीं
जिस बच्चे के बाल पैदाइशी
सिल्की और भूरे हों
वो घुँघराले
और काले हो रहे थे जैसे?
रितु ज़िंदा थी उस वक़्त
उससे पूछा
ये पार्लर करवाए हैं क्या?
नहीं दीदी,
हम पार्लर कम ही जाते हैं
क्या हुआ कभी किसी त्यौहार पर
फिर बच्चे का तो मतलब ही नहीं।
मुझे भी ऐसा ही लगा
तुन्हे गुड़िया के बालों में
कुछ गड़बड़ नहीं लग रही ?
गड़बड़?
कैसी गड़बड़?
बालों का रंग और बनावट
दोनों बदल गए हों जैसे
या बदल रहे हों?
अरे नहीं
थोड़ा बहुत तो
बदलता रहता है उम्र के साथ।
थोड़ा बहुत।
मगर ये थोड़ा बहुत से ज्यादा है।
मेरी माँ भी उस वक़्त वहीँ थी
बीच में बोली
इसके बाप के भी ऐसे ही हैं।
क्या?
घुँघराले?
कबसे? मैंने कहा
नहीं।
उसके कहाँ हैं?
घुँघराले तो नहीं हैं
हाँ।
काले जरुर हैं।
वो इससे काला भी है।
ये कुछ कुछ बुआ पे है।
रंग में खासकर।
रितु ने बीच में बोला।
सास बहु लगे रहे
एक बेटे की तरफ
और एक बेटी
और बुआ की तरफ।
हाँ।
हमारे इस इलाके में रंग,
अपने आप में रण होता है जैसे।
मैं उठकर अपने कमरे में गई
और एल्बम निकाली
शक और बढ़ गया।
जाने क्यों चाचा के यहाँ गई
और चाचा की फोटो देखने लगी
जो वहाँ कमरे में सामने ही थी।
चाची से पूछा
चाचा के बाल शुरु से ऐसे ही थे?
या बदले हैं वक्त के साथ?
उन्होंने बोला ऐसे ही थे।
और गुड़िया के?
चाचा की लड़की की लड़की
वो और भी छोटी है।
जो मुझे समझ आया
हमारा दिमाग
बहुत कुछ याद नहीं रखता
मगर
तस्वीरें शायद कुछ बोलती हैं?
वक़्त के हिसाब किताब जैसे?
मेरे लिए ये प्रश्न आम नहीं था
कुछ और
प्रश्नो के साथ मिल गया था
जैसे
कुछ शादियाँ
और कुछ मौतें?
या
कुछ Migrations?
Transfer?
Or Displacement?
Enforced?
Or by own will?
और कुछ मौतें?
उनकी तारीखें
महीने और साल
कह रहे हों जैसे कुछ?
या शायद बहुत कुछ?
बिन कहे?
माइग्रेशन
सिर्फ इंसानों के ही नहीं
बल्की,
बाकी जीवों के भी।
और
किसी घर
या
उसके सामान के भी।
जाने कैसी कैसी कहानियाँ?
कहते हैं, सुनाते हैं?
दिखाते हैं या समझाते हैं?
तो यहाँ डिज़ाइन था
किसी तरह की
किसी पार्टी के
जुए के हिसाब किताब के
डिज़ाइन वाली
"घुँघराले या सिल्की बाल"
"Mirror Image" बनाना।
लोगों के बालों पर?
वो भी
उनकी जानकारी के बिना?
और?
बच्चों तक को नहीं बक्शते?
कैसी राजनीती है ये?
और
ये सिर्फ़ बालों तक सिमित नहीं है
आपकी आँखे ठीक ठाक हों
और वो चश्मा लगवा दें?
या जितना या जैसा नंबर ना हो
वो दे दें?
ऐसे ही
आपको कोई भी बीमारी ना हो
और वो बिना हुई बिमारी घड़ दें?
ऐसा ही हो रहा है।
मैं ये सब इतना
खुलमखुल्ला लिख रही हूँ
या बता रही हूँ आम लोगों को
यही दिक़्क़त है इन तानाशाहों को।
सिर्फ मेरे से ही नहीं
बल्की
मेरे जैसे लोगों से।
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