हम क्या देखते हैं?
क्या सुनते हैं?
उसके बारे में क्या जानते हैं?
सच्चा या झुठा?
फिर क्या सोचते हैं?
जैसा सोचते हैं
वैसा ही क्यों सोचते हैं?
क्या और भी वैसा ही सोचते हैं
ख़ासकर जहाँ आप हैं, वहाँ?
हम जो देखते हैं
या जो सुनते हैं
वो उस जगह पर है
दुनियाँ में वैसा कहीं और नहीं है
और ना ही हो सकता है
जैसा हमने देखा
जैसा हमें पता है
वैसे जरुरी नहीं
हर किसी ने देखा या समझा?
यही Media Matrix है
समझ का फ़र्क?
या जानकारी का फ़र्क?
या जानकारी से आगे
Processing का फ़र्क?
या उससे भी आगे
जानकारी जरुरी है
मगर सही जानकारी?
आप
जिस Media Matrix से घिरे हैं?
उसी से क्यों घिरे हैं?
आप जहाँ हैं, वहीँ क्यों हैं?
वहाँ आपको किसने और कैसे भेजा?
किस काम के लिए भेझा?
अपने काम के लिए?
या आपके काम के लिए?
आगे आते हैं
Media Threatrix पर
और Media Matrix?
ख़ास Media जानकारों के लिए
या जो रिसर्च कर रहे हैं
How Media Matter Matters?
And How Systems Try So Hard to Control -
Each and Everything in Any Media Culture?
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