Social Simulations For Good or Bad?
आप जो कुछ देख सुन सकते हैं
या महसूस कर सकते हैं
या समझा सकते हैं
या समझ सकते हैं
वो एक तरह से
Social Simulations Training हैं।
वो आपके वातावरण के अनुसार
उसके Ingredients के अनुसार
आपकी जानकारी के बिना भी
आपको बदलती हैं
भले के लिए या बुरे के लिए।
आप जो कुछ खाते पीते
पहनते या बोलते हैं
या जो कोई काम करते हैं
या जैसे जैसे जीवों
या निर्जीवों के संपर्क में आते हैं
वो सब आपको कहीं न कहीं
आपकी जानकारी के बिना भी
गुप्त रुप से ट्रेन करते हैं।
थोड़ा या ज़्यादा।
ध्यान से देखने समझने लगोगे
तो पता चलेगा
आपका वातावरण आप पर
कितना भारी पड़ता है?
या कितना हल्का फुल्का सा?
ज़िंदगी को आसान करता सा?
या अपने आप ही जैसे
आगे बढ़ाता सा?
या पीछे धकाता सा?
अगर इतना समझ आने लगेगा
तो अपने आप ही
आप उसमें, अपने अनुसार
हेरफेर या बदलाव कर पाओगे।
ज्यादातर
गरीबी, बिमारियाँ
झगड़े
या ज़िंदगी की दिक्क़ते
आपकी अपनी पैदा की नहीं हैं
आपके वातावरण
और उसमें मौजूद
तत्वों (Ingredients) की देन हैं।
यही Media Culture है।
एक तरह का Media Culture
आपकी जानकारी के बिना
आपकी ज़िंदगी आसान बनाता है
उसे किसी समतल से रोड सा
आगे बढ़ाता है
वहीं,
दूसरी तरह का मीडिया
उसमें
अवरोधों या रोड़ों
या गड्ढों का काम करता है।
सबसे बड़ी बात
इन सबमें सिर्फ़ अलग अलग तरह के
तत्व ही नहीं हैं (Ingredients)
बल्की,
उनकी पैदा की गई
अलग अलग तरह की Process हैं
Method हैं, तरीक़े हैं
जो कोई ख़ास तरह के परिणाम लाते हैं।
अच्छे?
या बुरे?
ठीक किसी
अच्छे या बुरे Module की तरह।
ऐसे ही
अच्छी या बुरी
सामान्तर घड़ाईयाँ हैं
राजनितिक पार्टियों के पास
हर क्षेत्र के Expert हैं
जिन्हें पता हो
बिमारियाँ कैसे ठीक होती हैं
उन्हें ये भी पता होता है
बिमारियाँ कैसे कैसे पैदा होती हैं।
ऐसे ही
कोई भी नशा
या Life Style Diseases है।
उन्हें पैदा भी किया जा सकता है
और ख़त्म भी।
इन सबमें
आपकी Permanent IDs
और Location के इर्द गिर्द
Interaction का खेल
राजनितिक पार्टियों के सबसे बड़े हथियार हैं।
आगे ऐसे से ही कुछ एक जिते जागते, चलते फिरते उदाहरण लेंगे।
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