बॉन्ड्स की कहानी, बॉन्ड्स की ही जुबानी?
कभी कभी तो लगता है यूँ
जैसे दुनियाँ ही सारी
सिर्फ और सिर्फ
बॉन्ड्स की ही कहानी है
और बॉन्ड्स की ही जुबानी है?
कैसे कैसे बॉन्ड हैं?
ऐसे वैसे बॉन्ड हैं?
जीव की उत्पत्ति
बॉन्ड्स की कहानी?
जीव का जीवन
बॉन्ड्स की कहानी?
सिस्टम की उत्पत्ति?
बॉन्ड्स की कहानी?
सिस्टम का सरल या जटिल होना?
बॉन्ड्स की कहानी?
सिस्टम का संतुलित या असंतुलित होना?
सिस्टम के जीवों का संतुलित या असंतुलित होना?
जीव के बॉन्ड्स का संतुलन?
अच्छे जीवन की कहानी?
जीव के बॉन्ड्स का असंतुलन?
उतार चढ़ावों की रवानी?
जैसे घर या मौहल्ले का
संतुलित या असंतुलित होना?
वहाँ के जीवों के
संतुलित या असंतुलित होने की कहानी?
ऐसे ही शरीर का है
वो जैसी जैसी किस्मों के सिस्टम में रहता है
वैसा वैसा सा ही उसका स्वास्थ्य होता है
एकदम कॉपी करता सा जैसे?
कुछ कुछ ऐसे, जैसे?
किसान का बच्चा, किसान?
बनिए का बच्चा, बनिया?
अध्यापक का बच्चा, अध्यापक?
टीचर का बच्चा, टीचर?
और फ़टीचर का बच्चा, फ़टीचर?
वकील का बच्चा, वकील?
डॉक्टर का बच्चा, डॉक्टर?
राजनेता का बच्चा, राजनेता?
एक्टर का बच्चा, एक्टर?
वैध का बच्चा, वैध?
झाड़फूँक वाले का बच्चा, झाड़फूँक वाला?
ठेकेदार का बच्चा, ठेकेदार?
ऐसे तो?
राम का बच्चा, राम?
रावण का बच्चा, रावण?
शरीफ़ का बच्चा, शरीफ़?
कबाड़ी का बच्चा, कबाड़ी?
गरीब का बच्चा, गरीब?
अमीर का बच्चा, अमीर?
नौकर का बच्चा, नौकर?
साहब का बच्चा, साहब?
कुत्ते का बच्चा, कुत्ता?
भैस का बच्चा, भैंस?
गाय का बच्चा, गाएं
चिड़िया का बच्चा, चिड़िया
साँप का बच्चा, साँप
सूअर का बच्चा, सूअर
गधे का बच्चा, गधा
घोड़े का बच्चा, घोड़ा
हाथी का बच्चा, हाथी
तो आदमी का बच्चा?
क्या होगा?
इस आखिरी वाले पैराग्राफ
और ऊप्पर वालों में थोड़ा फर्क है?
बुझो तो जाने?
आगे पोस्ट में
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