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Saturday, October 24, 2026

कबाड़ और किम्मती में फ़र्क

अपने घर से कबाड़ निकालना है 

किसी और घर का कबाड़ 

अपने घर नहीं इकठ्ठा करना 

चाहे वो अपने पुराने घर से ही क्यों ना हो। 


कबाड़ और किम्मती में फ़र्क होता है 

कबाड़ को किम्मती बनाया जा सकता है 

मगर 

कितना और वक़्त या पैसा लगाकर?


ऐसा क्या ख़ास है उस कबाड़ में 

जो इतना कुछ उस पर लगाया जाय?

और इतना कुछ लगाकर भी 

क्या दे रहा है वो आपको?

बदले में 

कहीं आपके आदमी तक तो नहीं खा रहा?  


या बचा रहा है उन्हें?

या बच्चों और युवाओँ तक को   

घर से ही बेघर करने की कोशिशें?

या ख़त्म करने तक के इरादे?


सबसे बड़ी बात 

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा 

बड़ों के साथ हो चुका है 

उसी को 

आगे फिर से दोहराने की  कोशिशें ?

हो सके तो बचो  

ऐसे ऐसे शिकारों से। 

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