Mistaken Identity Issues? Or Direct-Indirect Political Enforcements? Cult Politics?
10-15 दिन में पानी आता है?
कहाँ से?
हर रोज पानी आता है?
कहाँ से?
साफ आता है या गन्दा आता है?
पीने या प्रयोग करने लायक है?
पीने का पानी आप कहाँ से लाते हैं?
कहीं से हैंडपंप का लाते हैं या पानी वाला टैंकर आता है? अब पीने के पानी के भी अलग-अलग लोगों के टैंकर हैं और अलग-अलग जगह से आते हैं। वैसे ही जैसे, पानी की बोतलें अलग-अलग ब्रांड की? या घर में ही कोई वाटर प्यूरीफायर लगाया हुआ है? किस कंपनी का? ये सब किसी भी जगह पर लागू होता है। वो गाँव हो या शहर? ये राज्य हो या दूसरा राज्य? ये देश या कोई और देश?
आपके यहाँ कैसा पानी आता है और कैसा नहीं, भला उसका कहीं की भी सरकार या राजनीती से क्या लेना-देना? या होता है? ये काम तो सरकार की बजाय प्राइवेट कंपनियों का होता होगा ना? या शायद खुद आपका? या अड़ोस-पड़ोस का? पब्लिक या प्राइवेट सुविधा है या नहीं, भला उससे पानी का क्या लेना देना?
आपके बच्चे पानी कहाँ का पीते हैं? या प्रयोग करने के लिए पानी कहाँ से लाते हैं? पड़ोसिओं के यहाँ से? या शायद अपना इंतजाम खुद करते हैं? इसमें भला राजनीती का क्या लेना-देना? क्या हो अगर पता चले की किसी या किन्हीं घरों में ऐसा कुछ उस घर वाले नहीं, बल्की, बाहर वाले या राजनीती कंट्रोल कर रही है? आप कहेंगे की ऐसा कैसे संभव है? गुप्त-गुप्त जहाँ? उसके गुप्त-गुप्त कोड? राजनीती के एनफोर्समेंट के गुप्त-गुप्त छिपे हुए तरीके? चलो यहाँ तक आपको शायद समझ आ गया की घर की घर में भी जूत या कम से कम फूट डालने के भी कितने ही तरीके हो सकते हैं?
जिन्हें अभी तक भी समझ नहीं आया। शायद थोड़ा और आगे चलें?
पीछे एक पोस्ट लिखी थी, "शशी थरुर को VALVE Closure पसंद है, System Closure नहीं?"
अरे नहीं, ऐसे नहीं कहा शशी थरुर ने। ये तो थोड़ा जोड़-तोड़ हो गया?
Closure मतलब किसी चीज़ का अंत? समाधान नहीं? अब Closure भी कितनी ही तरह के हो सकते हैं?
Valve Closure?
Nerve Closure?
Oxygen nonavailability?
या शायद System Closure?
जैसे, आपकी हर बातचीत (जैसे हर पोस्ट, या लेक्चर या कुछ और ऐसा ही), एक अलग ही तरह का कुछ विचार या व्यवहार या ascending या descending आर्डर-सा कुछ देती नजर आ रही हो? तो क्या वो कोई समाधान दे रही है किसी समस्या का? या एक कोड सिस्टम से उपजी हुई बेवजह की आम आदमी की रोज-रोज की समस्यायों को बता रही है? और इन कोड वाले कोढ़-सी समस्याओं में ही समाधान भी छिपा है, ये भी बता रही है? अब ये समाधान कितना आसान या कितना मुश्किल है? ये शायद इस पर निर्भर करता है की आप समाधान चाहते हैं या समस्या को यूँ का यूँ बनाए रखना? तो क्या ऐसे ही खाने-पीने के कोड समझकर भी कुछ बिमारियाँ या मौतें तक रोकी जा सकती हैं?
निर्भर करता है आप कौन हैं? और उससे आपको क्या फायदा होगा? किन्हीं का फूट डालो राज करो-सा अभियान और किन्हीं की खामखा-सी समस्याएँ शायद?
कुछ-कुछ ऐसे जैसे, किसी घर में पानी का एक ही पाइप हो वाटर सप्लाई का और वो भी गन्दा सा 10-15 दिन में आता हो? कोई सालों बाद आया हो और उसे पता ना हो की यहाँ पानी सप्लाई के ये हाल क्यों हैं? पहले तो ऐसे ना थे। बताया जाए, ऐसे ही है यहाँ तो। सब इसी से काम चलाते हैं। काफी वक़्त परेशान होने के बाद कहीं पढ़ने को मिले, पानी तो और भी है जो रोज आता है। मगर, तुमसे छुपाया हुआ है और यहाँ उसका वाल्व क्लोज है। तुम्हारे इस या उस अड़ोस-पड़ोस में भी वही आता है। वो नहीं चाहते वो यहाँ आए।
और आप कहें किसी और के चाहने या ना चाहने से क्या फर्क पड़ता है? वाल्व ही तो है, तो खुल जाएगा। उसमें क्या लगता है?
पैसे देने पड़ेंगे। वो प्राइवेट है।
हाँ, तो इतने से पैसे में क्या जाता है?
और आपको ऐसे कैसे खुल जाएगा, जैसे कारनामे देखने को मिलें फिर?
क्या कहेंगे इसे? राजनीती? बेवकूफ लोग? अपनी ही समस्याओँ और जान के दुश्मन खुद? या?
आगे पोस्ट में और भी ऐसे-से ही बेवकूफ से कारनामे पढ़ने को मिलेंगे। और ऐसी-सी ही छोटी-मोटी समस्याओँ की वजह से बीमारियाँ तक।
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